October 5, 2022

शिवसेना में एकनाथ शिंदे का घमासान विद्रोह, मुंबई शहर में धारा 144 लागू

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महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना में एकनाथ शिंदे के विद्रोह के बाद राज्य में कई जगहों पर शिवसैनिक आक्रामक हो गए हैं.कुछ शिव सैनिक एकनाथ शिंदे के साथ दिख रहे हैं तो कुछ उनका समर्थन करने वाले विधायकों का विरोध कर रहे हैं. शिवसेना ने ये तय किया है कि वो बालासाहेब ठाकरे की हिंदुत्व की विचारधारा पर चलेगी और संयुक्त महाराष्ट्र की विचारधारा से कोई समझौता नहीं करेगी.

वहीँ संजय राउत ने मीडिया को बताया, “जिन लोगों ने पार्टी को धोखा दिया है, उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, उनके ख़िलाफ़ कदम उठाने का अधिकार मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पास है. अपने खुद के फायदे के लिए जिन लोगों ने बालासाहेब ठाकरे के नाम का इस्तेमाल किया है, हम उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी कदम उठाएंगे.”

आगे उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, उन्हें शिवसेना और बालासाहेब ठाकरे के नाम पर वोट नहीं मांगना चाहिए. वे अपने पिता के नाम पर वोट मांगे. महाविकास अघाड़ी एकजुट है.”

अमरावती की सांसद नवनीत राणा का बयान
नवनीत राणा ने कहा, “मैं गृह मंत्री अमित शाह से उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ने वाले और अपना फ़ैसला खुद करने वाले विधायकों के परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराने का आग्रह करती हूं. उद्धव ठाकरे की गुंडागर्दी ख़त्म होनी चाहिए. मैं राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने का आग्रह करती हूं.”
सांसद नवनीत राणा का ये बयान शिवसेना के बाग़ी विधायक तानाजी सांवत के दफ़्तर पर नाराज़ पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा कथित रूप से तोड़फोड़ किए जाने के बाद आया है.तानाजी सावंत शिवसेना के उन विधायकों में से हैं जो एकनाथ शिंदे खेमे में शामिल हो गए हैं. समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस समय वे गुवाहाटी में कैंप किए हुए हैं.

मुंबई शहर में धारा 144 लागू
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना में एकनाथ शिंदे के विद्रोह के बाद राज्य में कई जगहों पर शिवसैनिक आक्रामक हो गए हैं.कुछ शिव सैनिक एकनाथ शिंदे के साथ दिख रहे हैं तो कुछ उनका समर्थन करने वाले विधायकों का विरोध कर रहे हैं. कई जगहों पर विधायकों के कार्यालयों पर हमले भी हुए हैं.राज्य में राजनीतिक अस्थिरता की पृष्ठभूमि को देखते हुए मुंबई पुलिस ने शहर में धारा 144 लागू करने का फैसला किया है.
राजनीतिक सत्ता संघर्ष के दौरान जिले और शहर में कानून-व्यवस्था भंग न हो, इसके लिए एहतियात के तौर पर धारा 144 लागू करने का निर्णय लिया गया है.

ये हो सकता है एकनाथ शिंदे के गुट का नया नाम
एकनाथ शिंदे और उनके समर्थक विधायकों ने अपने गुट के लिए ‘शिवसेना बालासाहेब’ नाम रखने का फैसला लिया है.गुवाहाटी में एकनाथ शिंदे के साथ मौजूद विधायक डॉ. बालाजी किनिकर ने इस खबर की पुष्टि की है.
शिंदे गुट के नाम रखने के बाद शिवसेना को आपत्ति होने की संभावना है. जल्द ही नाम की आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है.
इस पर विधायक दीपक केसरकर ने कहा, “हम बालासाहेब की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध हैं. हमने एक स्वतंत्र ग्रुप बनाया है. हम किसी के साथ विलय नहीं करेंगे. ग्रुप का एक स्वतंत्र अस्तित्व होगा. किसी ने भी पार्टी नहीं छोड़ी है.”
अब ऐसा लगता है की एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के क़रीब 40 विधायकों के बग़ावत करने के बाद राज्य सरकार ख़तरे में आ गई है.

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