May 17, 2022

असम में बिहु त्यौहार पर सुने नज़र आये बाजार

Young Assamese couple in traditional attire during the celebration of Rongali Bihu Festival in Assam

असम में बोहाग बिहु का माहौल हो और कपडो़ की दूकानें सूनी हो और बाजार में ऐसा नजारा अविश्वसनीय लगता है। लेकिन आपको इस अविश्वनीय लगने वाली बात पर यकीन करना होगा। इस बार कपडे़ की दूकानें ग्राहकों के लिए तरसती नजर आई। लगातार दो वर्ष कोरोना की मार से जख्मी हुई व्यापार जगत की रीढ़ को इस बार जैसे आसमान छूती मंहगाई ने तोड़ डाला हो।

पिछले दो वर्षों से घाटे में चल रहे कपडों के व्यापारी इस वर्ष अच्छी दूकानदारी के सपने संजोकर बैठे थे मगर बेलगाम घोडी़ की तरह उछलती मंहगाई ने उनके सारे सपने दिवास्वप्न में तब्दील कर दिए। कपडों के आधुनिक डिजाईनों का अम्बार लिए दूकानदार ग्राहक की राह तकते रह गये मगर उन्हें ग्राहकों के कदमों की आहट तक सुनाई नहीं दी। मालूम हो कि असम में बोहाग बिहु के समय असम में बाजार का सूनापन सचमुच अप्रत्याशित लगता है। यहां की सदियों से परम्परा रही है कि नव वर्ष के स्वागत के लिए परिवार के सभी सदस्यों के लिए नये कपडे़ खरीदे जाएं। यही नहीं , इस बिहु में निकट परिजनों को नये वस्त्र उपहार स्वरूप भेंट कर नववर्ष की शुभकामनाएं भी दी जाती हैं।

बता दें कि लगातार दो वर्ष कोरोना की मार से जख्मी हुए व्यापार जगत के साथ वस्त्र भंडारों में बढ़ती मंहगाई का ग्रहण लग जाने से इस बार बाजार में ग्राहकों की चहल पहल कम रही। अब देखना होगा कि सरकारें इन व्यपारियों की विभिन्न समस्याओं का समाधान करने के लिए क्या कदम उठाती है साथ ही इन व्यपारियों को क्या राहत देती है।

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