October 5, 2022

बाढ़ से तबाह पाकिस्तान की अब भी कश्मीर पर नजर, बोला- भारत से नहीं हो सकते अच्छे संबंध

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पाकिस्तान में आई भीषण बाढ़ के बावजूद पाकिस्तान के विदेशमंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने न्यूयॉर्क में एक भाषण के दौरान कश्मीर का मुद्दा उठाया है. वह इस दौरान अपने देश के हालात सुधारने के लिए फंड्स की डिमांड भी रख सकते थे...

पाकिस्तान में आई भीषण बाढ़ के बावजूद पाकिस्तान के विदेशमंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने न्यूयॉर्क में एक भाषण के दौरान कश्मीर का मुद्दा उठाया है. वह इस दौरान अपने देश के हालात सुधारने के लिए फंड्स की डिमांड भी रख सकते थे. न्यूयॉर्क में आयोजित की गई द काउंसिल ऑफ फोरेन रिलेशंस में जरदारी सवाल-जवाब के सेशन में एक प्रश्न के जवाब में बोले कि पाकिस्तान के संबंध भारत से अच्छे होते दिखाई नहीं दे रहे हैं.

जरदारी से इस सेशन में एक सवाल किया गया था कि क्या बाढ़ के बीच में पाकिस्तान के भारत के साथ संबंध अच्छे हो सकते हैं. इस पर जरदारी ने कहा, ‘मुझे इसका कोई साइन नहीं दिख रहा है. ऐसे वक्त में भी भारत ने हमे किसी तरह की सहायता की पेशकश नहीं की. हमारी पार्टी और हमारे देश के पीएम की पार्टी फिलहाल बहुत परेशान है, ऐसे में हम भारत के साथ शांतिपूर्ण माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन भारत मौलिक रूप से बदल गया है.’

जरदारी इस दौरान न्यूयॉर्क में हैं और वह संयुक्त राष्ट्र महासभा की हाई लेवल मीटिंग में शामिल होने आए हैं. जरदारी ने अपने जवाब में आगे कहा कि पाकिस्तान के लिए अब भारत से संपर्क रखना बहुत मुश्किल हो रहा है.

भारत ने उठाया आतंकवाद का मुद्दा
इससे पहले भारत ने गुरुवार को इस बात को दुखद बताया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में, जब दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकवादियों पर पाबंदी लगाने का मुद्दा उठता है, तब उन्हें दंड से बचाने का प्रयास किया जाता है और जवाबदेही से बचने के लिए राजनीति का सहारा लिया जाता है. पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को काली सूची में डालने पर चीन की ओर से रोक लगाने की तरफ इशारा करते हुए भारत ने यह बयान दिया.

जवाबदेही से बचने राजनीति का सहारा
फ्रांस की यूरोपीय और विदेश मामलों की मंत्री कैथरीन कोलोना की अध्यक्षता में गुरुवार को बैठक हुई. जयशंकर ने चीन पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, जवाबदेही से बचने के लिए कभी राजनीति का सहारा नहीं लेना चाहिए. दोषी को दंड से बचाने के लिए भी नहीं. दुखद है कि हमने हाल में इसी परिषद में ऐसा होते देखा है जब दुनिया के कुछ सबसे खतरनाक आतंकवादियों पर पाबंदी लगाने की बात हुई थी.

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