October 5, 2022

2025 तक ख़त्म होगा क्षय रोग, देश को ‘टीबी मुक्त राष्ट्र’ बनाने का लक्ष्य…पीएम मोदी

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देश को ‘टीबी मुक्त राष्ट्र’ बनाने की दिशा में मोदी सरकार बड़ा ऐलान करने जा रही है. इसके लिए मोदी सरकार अब राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के राज्यपालों और उपराज्यपालों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने का फैसला किया है...

देश को ‘टीबी मुक्त राष्ट्र’ बनाने की दिशा में मोदी सरकार बड़ा ऐलान करने जा रही है. इसके लिए मोदी सरकार अब राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के राज्यपालों और उपराज्यपालों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने का फैसला किया है. बहुत जल्द ही पीएम मोदी देश के सभी राज्यपालों और उपराज्यपालों के साथ मीटिंग कर यह जिम्मेदारी सौंपेंगे.

टीबी मुक्त राष्ट्र बनाने के लिए राज्यपाल और उपराज्यपाल को ‘निक्षय दूत’ बनाया जाएगा. बता दें कि उत्तर प्रदेश के वर्तमान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने चार साल पहले मध्य प्रदेश में राज्यपाल रहते हुए इस आइडिया पर काम किया था. पटेल ने बाद में यूपी में भी इस आइडिया के तहत टीबी मरीजों को खुद भी भी गोद लिया और दूसरे स्वंयसेवी संस्थाओं को इन मरीजों को गोद लेने के लिए प्रोत्साहित किया था. इसी आइडिया को अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय पूरे देश में लागू करने का फैसला किया है.

बता दें कि देश के कई हिस्सों में अभी भी ट्यूबरक्यूलोसिस से पीड़ित मरीजों को संतुलित आहार नहीं मिल पाता है. इसके लिए हर महीने 500 रुपए की मदद भी की जाती है, लेकिन यह नाकाफी होती है. साथ ही राज्य के सभी यूनिवर्सिटीज के कुलपतियों से 20-20 टीबी पीड़ित बच्चों को गोद लेने की अपील की थी. इसके बाद मध्य प्रदेश की विभिन्न संस्थाओं ने 1200 बच्चों को गोद लिया था. इसके बाद जब पटेल यूपी की राज्यपाल बनीं, तो यहां भी उन्होंने टीबी मरीजों को गोद लेने का सिलसिला शुरू करवाया.

टीबी को लेकर राज्यपालों और उपराज्यपालों की तय होगी ये भूमिका
गौरतलब है कि मोदी सरकार ने साल 2025 तक भारत को टीबी मुक्त राष्ट्र बनाने का लक्ष्य तय किया है. इसके तहत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय अब सामुदायिक स्तर पर क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम चलाकर जनभागीदारी बढ़ाने का फैसला किया है. स्वास्थ्य मंत्रालय की पहल पर अब पूरे देश में ‘निक्षय मित्र’ कार्यक्रम के जरिए टीबी को देश से खत्म किया जाएगा.

टीबी मरीजों को रखेंगे विशेष ख्याल
इस अभियान के तहत निक्षय मित्र बनने वाले मरीजों को पोषण, डायग्नोस्टिक और रोजगार के स्तर पर मदद कर उनसे सच्ची मित्रता निभा सकते हैं. निक्षय मित्र अभियान के साथ कॉरपोरेट्स, जनप्रतिनिधि, सभी राजनीतिक दल, गैरसरकारी संगठन, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम और आम देशवासी भी जुड़ कर टीबी मरीजों की देखभाल और उनकी मदद कर सकते हैं.

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